मनु की चूत भी बाबी की चूत के सामान ही चिकनी थी। उसकी चूत थोड़ी फूली
हुई थी और चूत के बीच से उभरा हुआ चने के दाने समान रचना बाबी की चूत की
अपेक्षाकृत थोड़ा बड़ा था। मनु काफी शरमा रही थी। बाबी ने कहा,
तू तो ऐसे शरमा रही है जैसे मैं कोई लड़का हूँ। बाबी ने मनु की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा, जानती हो इसे क्या कहते हैं।
हां मनु ने कहा।
क्या कहते हैं?
इसे चूत कहते हैं।
अरे जियो मेरी जान मैं तो तुझे काफी सीधी सादी लड़की समझती थी।
मनु शरमा सी गई। तो बॉबी बोली, अरे मुझसे कैसा शरमाना। मैं भी तेरी तरह लड़की ही हूं ना। आज मैं तुम्हें ऐसा मजा दूंगी कि तुमने कभी सोचा भी न होगा।
इतना कहकर बॉबी ने मनु को चित लिटा दिया और उसकी चूंचियों को धीरे-धीरे दबाने लगी। मनु कसमसाने लगी थी। बॉबी धीरे-धीरे उसकी चूंचियों को दबाती रही, फिर एक चूंची पर अपना मुंह रख दिया। मनु के सारे शरीर में गुदगुदी वाली सिहरन दौड़ गई। बॉबी ने आहिस्ता से उसकी एक चूंची को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। एक हाथ मनु की चूत पर रख दिया और सहलाने लगी। बॉबॉबी बारी-बारी मनु की दोनों चूंचियों को कुछ देर तक चूसती रही। मनु के मुंह से सिसकारी सी निकलने लगी-
ओह दीदी...ऐसे ही... चूसती रहो... अच्छा लग रहा है।
बॉबी ने उसकी चूंचियों से मुंह हटाया तो मनु उसकी तरफ प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगी। वह बॉबी के अगले कदम का इंतजार कर रही थी। बॉबी ने कहा घबरा मत मेरी जान अब तुझे जन्नत की सैर करवाती हूं।
इतना कहकर बॉबी मनु की जांघो की तरफ खिसक आई। उसने मनु की चूत पर धीरे से हाथ फिराया। मनु समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या करने वाली है। अचानक बॉबी ने अपना मुंह मनु की चूत पर रखा तो वह सिहर उठी। उसे तो कल्पना भी नहीं थी बॉबी उसकी चूत को चूम लेगी। बॉबी ने केवल चूमने पर ही बस नहीं किया बल्कि कई बार उसकी चूत को यहां-वहां चूमा।
मनु कंपकंपाते हुए बोली, दीदी यह क्या कर रही हो। यह गंदी जगह होती है।
मगर बॉबी कुछ नहीं बोली उसे पता था कि मनु को मजा आ रहा है। उसने जीभ निकाली और चूत के बीच की रेखा पर फिराने लगी। गुदगुदी और मजे के कारण मनु के रोंये खड़े हो गए। बॉबी ने यहीं बस नहीं किया वह जीभ से मनु की चूत तो चाटने लगी। मनु की चूत का हलका नमकीन स्वाद उसे काफी पसंद आ रहा था। उसने मनु की पूरी चूत को चाटा और फिर हलके से उसकी टांगों को फैलाकर बीच में जीभ से सहलाने लगी।
...और मनु वह तो मानो इस दुनिया में ही नहीं थी। आनंद के कारण उसके मुंह से जोर-जोर से सिसकारियां निकल रही थी। बॉबी उसकी चूत के बीच उभरे हिस्से को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। वह कल्पना कर रही थी कि मानो कमल का लंड चूस रही हो। आनंद के कारण मनु का पूरा शरीर कांपने लगा। अचानक बॉबी ने उसकी चूत से मुंह हटा लिया तो मनु जैसे किसी सपने से जागी।
उसने कहा दीदी रुक क्यों गई, बहुत मजा आ रहा था। प्लीज और चाटो न।
बॉबी ने कहा तुमने खूब मजा ले लिया। अब मेरी बारी है।
तू तो ऐसे शरमा रही है जैसे मैं कोई लड़का हूँ। बाबी ने मनु की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा, जानती हो इसे क्या कहते हैं।
हां मनु ने कहा।
क्या कहते हैं?
इसे चूत कहते हैं।
अरे जियो मेरी जान मैं तो तुझे काफी सीधी सादी लड़की समझती थी।
मनु शरमा सी गई। तो बॉबी बोली, अरे मुझसे कैसा शरमाना। मैं भी तेरी तरह लड़की ही हूं ना। आज मैं तुम्हें ऐसा मजा दूंगी कि तुमने कभी सोचा भी न होगा।
इतना कहकर बॉबी ने मनु को चित लिटा दिया और उसकी चूंचियों को धीरे-धीरे दबाने लगी। मनु कसमसाने लगी थी। बॉबी धीरे-धीरे उसकी चूंचियों को दबाती रही, फिर एक चूंची पर अपना मुंह रख दिया। मनु के सारे शरीर में गुदगुदी वाली सिहरन दौड़ गई। बॉबी ने आहिस्ता से उसकी एक चूंची को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। एक हाथ मनु की चूत पर रख दिया और सहलाने लगी। बॉबॉबी बारी-बारी मनु की दोनों चूंचियों को कुछ देर तक चूसती रही। मनु के मुंह से सिसकारी सी निकलने लगी-
ओह दीदी...ऐसे ही... चूसती रहो... अच्छा लग रहा है।
बॉबी ने उसकी चूंचियों से मुंह हटाया तो मनु उसकी तरफ प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगी। वह बॉबी के अगले कदम का इंतजार कर रही थी। बॉबी ने कहा घबरा मत मेरी जान अब तुझे जन्नत की सैर करवाती हूं।
इतना कहकर बॉबी मनु की जांघो की तरफ खिसक आई। उसने मनु की चूत पर धीरे से हाथ फिराया। मनु समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या करने वाली है। अचानक बॉबी ने अपना मुंह मनु की चूत पर रखा तो वह सिहर उठी। उसे तो कल्पना भी नहीं थी बॉबी उसकी चूत को चूम लेगी। बॉबी ने केवल चूमने पर ही बस नहीं किया बल्कि कई बार उसकी चूत को यहां-वहां चूमा।
मनु कंपकंपाते हुए बोली, दीदी यह क्या कर रही हो। यह गंदी जगह होती है।
मगर बॉबी कुछ नहीं बोली उसे पता था कि मनु को मजा आ रहा है। उसने जीभ निकाली और चूत के बीच की रेखा पर फिराने लगी। गुदगुदी और मजे के कारण मनु के रोंये खड़े हो गए। बॉबी ने यहीं बस नहीं किया वह जीभ से मनु की चूत तो चाटने लगी। मनु की चूत का हलका नमकीन स्वाद उसे काफी पसंद आ रहा था। उसने मनु की पूरी चूत को चाटा और फिर हलके से उसकी टांगों को फैलाकर बीच में जीभ से सहलाने लगी।
...और मनु वह तो मानो इस दुनिया में ही नहीं थी। आनंद के कारण उसके मुंह से जोर-जोर से सिसकारियां निकल रही थी। बॉबी उसकी चूत के बीच उभरे हिस्से को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। वह कल्पना कर रही थी कि मानो कमल का लंड चूस रही हो। आनंद के कारण मनु का पूरा शरीर कांपने लगा। अचानक बॉबी ने उसकी चूत से मुंह हटा लिया तो मनु जैसे किसी सपने से जागी।
उसने कहा दीदी रुक क्यों गई, बहुत मजा आ रहा था। प्लीज और चाटो न।
बॉबी ने कहा तुमने खूब मजा ले लिया। अब मेरी बारी है।