परदेशी भाग 5

कमल ने बाबी की चूत पर अपना मुंह रख दिया और बाबी ने उसका लंड मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। कमल कभी बाबी की चूत को चाटने लगता तो कभी उसके बीच उभरे चने के दाने समान रचना को मुंह में दबा कर चूसने लगता। बाबी भी कहां पीछे रहने वाली थी वो कभी कमल के लंड को चूसने लगती तो कभी उसके ऊपर की चमड़ी हटाकर चाटने लगती।
कमल के दोनों हाथ बॉबी के चूतड़ों पर घूम रहे थे। वह अपने हाथों से धीरे-धीरे उन्हें सहलाता जा रहा था। कमल की जीभ बॉबी की चूत पर कमाल दिखा रही थी। बॉबी के शरीर में कंपकंपाहट सी हो रही थी। उसे ऐसा लग रहा था कि कमल जिंदगी भर ऐसे ही बॉबी की चूत चाटता रहे और वह मुंह में उसका लंड लेकर पड़ी रहे। अचानक कमल ने जीभ से बॉबी की चूत के छेद को सहलाना शुरू किया। फिर जब जीभ को चूत के अंदर की तरफ ठेला तो बॉबी मस्ती में चूर होकर कमल के लंड को लॉलीपॉप की तरह जोर-जोर से चूसने लगी। अचानक कमल को ऐसा लगा कि उसके शरीर में लावा सा उबल रहा है उसने झट से बाबी के मुंह से अपना लंड निकाल लिया तो बाबी बोली,
निकाल क्यों लिया? कितना मजा आ रहा था।
अगर मेरा लंड थोड़ी देर और तुम्हारे मुंह में रहता तो सारा वीर्य मुंह में ही चला जाता।
ये वीर्य क्या होता है? बॉबी ने हैरानगी से पूछा।
तुम नहीं जानती?
कसम से मुझे नहीं पता। बॉबी मासूमियत से बोली।
अच्छा बताता हूं पहले यह बताओ चूत मरवाओगी।
वो कैसे करते हैं और मुझे तो अपनी चूत चटवाने में ही ज्यादा मजा आता है।
एक बार चूत मरवा कर तो देखो फिर कहना कि मजा आया या नहीं।
ठीक है, मगर पहले यह तो बताओ कि वीर्य क्या होता है। बॉबी अभी उसी सवाल पर अटकी थी।
कमल ने कहा जब किसी लड़के का लंड चूसा जाए या उसे चूत में डालकर घर्षण किया जाए तो लिसलिसा सा सफेद तरल पदार्थ निकलता है। उसे ही वीर्य कहते हैं।
हे भगवान अच्छा हुआ तुमने मेरे मुंह से लंड निकला लिया। छी कितना गंदा होता होगा न वीर्य। अगर मेरे मुंह में चला जातो तो मेरा मुंह भी गंदा हो जाता। बॉबी ने नाक सिकोड़ते हुए कहा।
बॉबी ये पदार्थ दिखने में भले ही गंदा लगता हो, मगर इसी सारी सृष्टि चलती है। तुम्हें पता है न कि औरतें बच्चे पैदा करती हैं।
हां पता है। कुछ महीने पहले मेरी भाभी के भी एक स्वीट सा बेबी हुआ। वह उनके पेट में था। भाभी को अस्पताल ले गए तो उनके पेट से निकाला गया। बॉबी ने कहा।
जानती हो ये बच्चा कैसे बनता है। कमल ने पूछा।
नहीं, बॉबी ने न में सिर हिला दिया।
ये बच्चा इसी वीर्य से बनता है जिसे तुम गंदा कह रही हो।
कैसे। बॉबी ने पूछा।
जब कोई लड़का किसी लड़की की चूत मारता है, तो आखिरी में ये वीर्य उसकी चूत में गिरता है। लड़की के पेट में उसी से बच्चा बनता है। ये ठीक वैसे ही जैसे जमीन में कोई बीज बोओ तो उससे पौधा निकलता है। कमल ने किसी मास्टर की तरह विश्लेषण किय़ा।
अच्छा, बॉबी हैरानगी से केवल इतना कह सकी।
तभी कमल बोला, खैर छोड़ो ये बताओ चूत मरवाओगी।
हां ठीक है, अगर तुम कहते हो कि उसमें चूत चटवाने से ज्यादा मजा आता है तो मैं तैयार हूं। बॉबी ने कहा।
बाबी के इतना कहते ही कमल ने उसे पीठ के बल लिटा दिया और उसके चूतड़ो के नीचे तकिया लगा दिया। इसके बाद उसकी टांगों को थोड़ा फैला दिया। बॉबी की कुंवारी चूत का मुंह थोड़ा खुल गया था। बाबी कनखियों से उसकी एक-एक हरकत देख रही थी। कमल जानता था कि बॉबी की चूत में जैसे ही लंड डालेगा वह ददर के मारे चिल्लाने लगेगी। मगर उसे कोई चिंता नहीं थी। उसका कमरा घर में सबसे पीछे था। दोपहर का समय होने से उसकी मां ही नहीं, पूरा गांव सो रहा था। एक तरह से गांव सुनसान पड़ा था। उसने बाबी की टांगों को थोड़ा और फैलाया और उसके बीच आ गया। इसके बाद बॉबी की आंखों में झांककर देखा। बॉबी की आंखों में अब भी कौतुहल झलक रहा था। वह सोच रही थी कि चूत कैसे मरवाते हैं। अब तक तो कोई मजा आया नहीं।
इधर बॉबी मजे के बारे में सोच ही रही थी कि कमल ने उसकी चूत की छेद पर अपना लंड टिकाकर जोर से एक धक्का मारा। उसका चौथाई लंड बाबी की चूत में घुस गया। बाबी को ऐसा लगा कि जैसे उसकी चूत फट गई हो। वह जोर से चिल्लाने लगी,
हाय मर गई। ये तुमने क्या कर डाला। क्या इसी को मजा कहते हैं।
वह कमल को लंड निकालने के लिए कहने लगी। लेकिन कमल ने एक और धक्का मारा और आधा लंड उसकी चूत में घुस गया।
अब बॉबी दर्द से तड़प उठी। उसकी आंखों में आंसू आ गए। वह गिड़गिड़ाते हुए चिल्लाने लगी। प्लीज अपना लंड बाहर निकाल लो। मुझे नहीं मरवानी अपनी चूत-वूत।
मगर कमल कहां सुनने वाला था। वह बॉबी को समझाते हुए बोला। पहली बार में थोड़ा दर्द होता है, फिर मजा आने लगेगा।
तुम्हे मजे की पड़ी है और यहां मेरी जान निकली जा रही है। बॉबी जोर-जोर से रोते हुए बोली।
लेकिन कमल नहीं माना वह बाबी की चूत में धक्का मारता रहा। बाबी जितना चिल्लाती, रोती और गिड़गिड़ाती वह उतने जोश से धक्के पर धक्का मारता। कमरे में बाबी की चीख के साथ ही गचागच-फचाफच की आवाज भी गूंज रही थी। अचानक कमल का सारा शरीर ऐंठा और उसके लंड से वीर्य की पिचकारी निकलकर बाबी की चूत में गिरी। यही एक क्षण था जब बाबी को मजा आया। कमल के वीर्य की गरम धार ने मानो उसकी सारी पीड़ा हर ली हो। उसे ऐसा लगा कि खुद उसका शरीर भी ऐंठने लगा है। इस पल उसे इतना ज्यादा मजा आया कि उसने जोर से कमल का लंड अपनी चूत में भींच लिया। थोड़ी देर तक कमल उसके ऊपर वैसे ही पड़ा रहा। वह इस प्रकार हांफ रहा था मानों मीलों चढ़ाई करके आया हो। सांस नियंत्रित करने के बाद वह उठा और बाबी से कहा,
मजा आया?
मजा तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी। मगर आखिरी में जो मजा आया, वह मैं बता नहीं सकती। बॉबी ने आंसू पोछते हुए कहा।
पहली बार में हर लड़की के साथ ऐसा ही होता है। फिर वह लंड की ऐसी अभ्यस्त हो जाती है कि उसकी चूत बड़े से बड़ा लंड निगल जाती है। कमल हंसते हुए बोला।
बाबी ने उठकर अपने कपड़े पहनने लगी तो बिस्तर पर खून के धब्बे देखे। खून देखकर उसे गश आने लगा। वह बोली, यह खून कहां से आया।
कमल ने कहा कि जब कोई लड़की पहली बार चूत मरवाती है तो छेद पर लगी एक झिल्ली टूट जाती है और उसी से खून आता है।
बॉबी को अपनी माहवारी की याद आ गई और वह घबराकर बोली क्या हर बार ऐसे ही खून आएगा।
कमल ने कहा नहीं आज पहली और आखिरी बार था।
बॉबी ने चैन की सांस ली कपड़े पहनने लगी। कपड़े पहनकर जाने लगी तो कमल ने पूछा,
कल फिर आओगी?
हां आउंगी। अब तो मुझे भी तुम्हारा लंड चाहिए। यह कहकर बाबी वहां से चली गई। कमल उसे जाते हुए तब तक देखता रहा, जब तक वह नजरों से ओझल नहीं हो गई। बॉबी की चाल बदल सी गई थी।